लिख रहा हूँ उस रब के लिए
जिसने मुझे इज़ाजत दी है
खुश रहें सभी लोग
ऐसी मैंने प्रार्थना की है
कृपा होगी उनकी
ऐसा मुझे विश्वास है
भक्तों के कष्टों को हरना
ऐसा उनका रिवाज़ है
मेरे जन्म पर उपहार मे
मेरे अस्तित्व का ही ज्ञान दिया
मेरे अस्तित्व का ही ज्ञान दिया
मान दिया सम्मान दिया
माता पिता का साथ दिया
ऐसे ईश्वर के चरणों में मेरा साक्षात् प्रणाम है
जिसने ये सारा संसार दिया
~अभिषेक नेमा